
पीएम नेतन्याहू ने मंगलवार को ईरानियों को दिए सीधे संदेश में कहा कि अयातुल्लाह अली खामनेई की सरकार इजरायल से ज्यादा अपने नागरिकों से डरती है। आगे नेतन्याहू ने कहा कि मैं आपसे यह कहता हूं- अपने सपनों को मरने मत दो। मुझे यह फुसफुसाहट सुनाई देती है महिलाएं जिंदगी आजादी। उम्मीद मत हारो। आपको पता होना चाहिए कि इजरायल और दुनिया के देश आपके साथ हैं।

एक अक्टूबर को किए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, इसकी कीमत करीब 2.3 अरब डॉलर थी और यह आपकी बहुमूल्य रकम थी, जिससे इजरायल में मामूली नुकसान हुआ।
माउंट लेबनान क्षेत्रों पर इजरायली हमलों में 20 लोग मारे गए
मंत्रालय ने कहा कि बाल्च्मे शहर में एक और विस्फोट में आठ लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए। लेबनान में इजराइल और लेबनान के ईरान-गठबंधन हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई जारी थी क्योंकि इजरायली सेना ने मंगलवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले किए, जिससे हिजबुल्लाह-नियंत्रित क्षेत्र पर अब तक के सबसे भारी दिन के हमलों में से एक बढ़ गया।
इजरायल के हमले में गाजा में मारे गए 14 फलस्तीनी
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार देर रात मुवासी मानवीय जोन में एक अस्थायी कैफेटेरिया को निशाना बनाया गया। यहां दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। इस कैफेटेरिया का उपयोग विस्थापित लोग करते थे। यह हमला इजरायली सेना की उस घोषणा के कुछ घंटे के बाद किया गया, जिसमें मानवीय जोन के विस्तार की बात कही गई थी। इस जगह पर गाजा के दूसरे हिस्सों से निकाले जा रहे फलस्तीनियों को शरण लेने को कहा जा रहा है।
हजारों विस्थापित फलस्तीनी नागरिक मुवासी के आसपास शिविरों में शरण ले रहे हैं। दूसरा हमला मध्य गाजा के नुसरत शरणार्थी इलाके में एक घर पर किया गया। यहां एक महिला समेत तीन लोग मारे गए। हालांकि इजरायली सेना की ओर से इन हमलों के बारे में अभी तक कोई बयान नहीं दिया गया है।
इस बीच, आठ अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों ने कहा कि इजरायल गाजा में अधिक मानवीय सहायता पहुंचाने की अनुमति देने की अमेरिका की मांग को पूरा करने में विफल रहा है। बाइडन प्रशासन ने पिछले महीने यह अपील की थी








